सभी
विश्व कप
साकर
भविष्यवाणियां
मैच रिपोर्ट
टॉटनहम गकपो के लिए बातचीत में, ENIC सौदा आगे बढ़ा रहा
TEAMtalk के अनुसार टॉटनहम ने 2026 की गर्मियों में कोडी गकपो के लिए लिवरपूल से प्रारंभिक बातचीत की है और मालिक समूह ENIC सक्रिय रूप से सौदे को आगे बढ़ा रहा है। नए कोच रोबर्टो दे ज़ेर्बी अपनी विंग विकल्पों में विश्व कप स्तर की धार जोड़ना चाहते हैं और रिपोर्ट के मुताबिक, वे गकपो को एक पूर्व लिवरपूल साथी के साथ फिर जोड़ने के इच्छुक हैं।
क्लब स्तर पर 2025/26 सीजन गकपो के मानकों से कम रहा—लिवरपूल के लिए सभी प्रतियोगिताओं में 52 मैचों में 9 गोल और 6 असिस्ट—लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका जवाब दमदार है। मौजूदा विश्व कप (ID: sr:competition:16) में Netherlands के लिए 27 वर्षीय विंगर ने शुरुआती दो मैचों में 2 गोल व 1 असिस्ट दिए, जिससे उनकी गति, कट-इन रन और फिनिशिंग फिर उभरकर आई।
TEAMtalk के मुताबिक, स्पर्स यह तौल रहे हैं कि मैनचेस्टर सिटी के सावीन्हो की तुलना में गकपो बेहतर वैल्यू और त्वरित प्रभाव दे सकते हैं या नहीं। ENIC का संकेत साफ है: दे ज़ेर्बी की हाई-टेम्पो संरचना के अनुरूप आक्रामक सुदृढ़ीकरण तेज़ी से करना।
एंफ़ील्ड में बाएं फ्लैंक पर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। लिवरपूल ने ओसासुना से विंगर विक्टर मुनीयोस को साइन किया है और इसी पोज़िशन पर रियो नगुमोहा भी मौजूद हैं। रिपोर्ट कहती है, गकपो अपने करियर के सुनहरे वर्षों में अपनी भूमिका पर विचार कर रहे हैं; वे बाहर जाने के लिए दबाव नहीं बना रहे, पर स्क्वॉड प्लेयर बने रहना भी नहीं चाहते।
ट्रांसफर विशेषज्ञ फ़ैब्रिज़ियो रोमानो ने टॉटनहम की दिलचस्पी की पुष्टि की, पर अहम शर्त जोड़ते हुए कहा कि फिलहाल लिवरपूल ने गकपो के प्रस्थान को मंज़ूरी नहीं दी है। यानी किसी भी प्रगति की कुंजी विश्व कप के बाद या फिर लिवरपूल की आंतरिक योजनाओं में बदलाव होगा।
रणनीतिक रूप से, गकपो बाएं से अंदर की ओर आने वाले फॉरवर्ड या सेकंड स्ट्राइकर के रूप में बहुमुखी योगदान दे सकते हैं—बॉल कैरी, 1v1 और निर्णायक अंतिम पास/शॉट उनकी ताकत हैं। विश्व कप में Netherlands के लिए मौजूदा आउटपुट संकेत देता है कि नया वातावरण उन्हें और निखार सकता है।
फिलहाल, कहानी विकसित हो रही है: स्पर्स बातचीत और आकलन में हैं; लिवरपूल अपना रुख बनाए हुए है; और गकपो की विश्व कप फॉर्म उनकी बाज़ार क़ीमत बढ़ा रही है। फैसला लिवरपूल की स्क्वॉड बैलेंसिंग और स्पर्स के गकपो‑सावीन्हो चयन पर टिका है।